व्यक्तिगत होम्योपैथिक देखभाल — आपकी चल रही दवाओं के साथ
साइनस (Sinusitis) और नाक की एलर्जी — धूल, धुएं या मौसम से — बहुत आम हैं, और कई लोग इनमें होम्योपैथिक देखभाल लेते हैं। डॉ. मीनाक्षी का MD शोध क्रॉनिक साइनसाइटिस पर था।
क्या एंटीहिस्टामाइन के साथ होम्योपैथी ले सकते हैं?
+
हाँ। डॉक्टर की दी एंटीहिस्टामाइन या नेज़ल स्प्रे उनकी सलाह के अनुसार जारी रखें; कोई भी बदलाव केवल वही डॉक्टर तय करें जिन्होंने दवा दी है। उपचार की अवधि और असर हर व्यक्ति में अलग होते हैं — हर फॉलो-अप पर इसकी ईमानदारी से समीक्षा की जाती है।
क्या बच्चों के बार-बार सर्दी-जुकाम में होम्योपैथी ले सकते हैं?
+
कई माता-पिता बच्चों के बार-बार सर्दी-जुकाम में बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह के साथ होम्योपैथिक देखभाल लेते हैं; टीके समय पर लगवाते रहें। उपचार की अवधि और असर हर व्यक्ति में अलग होते हैं — हर फॉलो-अप पर इसकी ईमानदारी से समीक्षा की जाती है।
धूल एलर्जी का इलाज कितने समय में होता है?
+
उपचार की अवधि और असर हर व्यक्ति में अलग होते हैं — हर फॉलो-अप पर इसकी ईमानदारी से समीक्षा की जाती है। धूल से बचाव के उपाय भी साथ में ज़रूरी हैं।
इलाज शुरू करें — आज ही
परामर्श बुक करें या WhatsApp पर डॉ. मीनाक्षी की टीम से बात करें।
Dr. Meenakshi holds a Doctor of Philosophy in Homoeopathy — a doctoral qualification in homoeopathy.
Medical Disclaimer: The information on this page is for general
education only and is not a substitute for professional medical advice, diagnosis
or treatment. Homeopathic treatment is individualised; outcomes vary from person
to person and no specific result is promised or guaranteed. Patients are advised
to continue prescribed medications and consult their treating specialist for any
changes. In emergencies, contact the nearest hospital.