भारत में दाद-खाज के मामले पिछले कुछ सालों में बहुत बढ़े हैं, और बहुत से लोग सालों तक क्रीम बदलते रहते हैं। यह बार-बार क्यों लौटता है और क्या सच में मदद करता है।
गोल, लाल, खुजली वाला दाद — जांघों, कमर, बगल, पेट या पैरों में — भारत में बहुत आम है, और पिछले कुछ सालों में ऐसे मामले बढ़े हैं जो लंबे समय तक ठीक नहीं होते या बार-बार लौटते हैं। इसकी कुछ बड़ी वजहें हमारी अपनी आदतों में छिपी हैं।
बाज़ार में मिलने वाली कई "तीन-इन-वन" क्रीमों में स्टेरॉयड मिला होता है। ये कुछ दिन खुजली दबा देती हैं, जिससे लगता है कि दाद ठीक हो गया — लेकिन फंगस अंदर फैलता रहता है। लंबे इस्तेमाल से:
किसी की सलाह पर या दुकान से बिना पर्चे के ऐसी क्रीम न लगाएँ। अगर आप लगा रहे हैं, तो डॉक्टर को बताएँ — अचानक या अपने आप फ़ैसला न करें।
बार-बार लौटने वाले फंगल संक्रमण में होम्योपैथिक परामर्श में त्वचा के साथ-साथ पसीना, शुगर, पाचन, घर के हालात और पहले लगाई गई क्रीमों की पूरी जानकारी ली जाती है। ज़रूरत हो तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से जाँच की सलाह दी जाती है।
हर व्यक्ति में इलाज की अवधि और असर अलग होता है, और हर फॉलो-अप पर इसकी ईमानदारी से समीक्षा होती है। डॉक्टर की लिखी कोई भी दवा अपने आप बंद न करें।
अंग्रेज़ी में: Fungal infections · और पढ़ें: स्टेरॉयड का मिथक और असली खतरा।
डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।
आम वजहें हैं — मिश्रित स्टेरॉयड क्रीम, पसीना और नमी, तौलिया-कपड़े साझा करना, इलाज बीच में छोड़ना, और डायबिटीज़।
बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं। स्टेरॉयड खुजली दबाते हैं पर फंगस फैलता रहता है, और त्वचा पतली हो सकती है।
त्वचा सूखी रखें, ढीले सूती कपड़े पहनें, अलग तौलिया रखें, खुजलाएँ नहीं, और परिवार में सबकी देखभाल एक साथ करें।
कई लोग बार-बार लौटने वाले फंगल संक्रमण में होम्योपैथिक देखभाल लेते हैं। ज़रूरत हो तो त्वचा रोग विशेषज्ञ की जाँच भी करवाई जाती है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।
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