मरीज़ों के सवाल

होम्योपैथिक मीठी गोलियाँ और डायबिटीज़: क्या शुगर के मरीज़ ले सकते हैं?

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"मुझे शुगर है — क्या मैं होम्योपैथी की मीठी गोलियाँ ले सकता हूँ?" — क्लिनिक में सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों में से एक।

डॉ. मीनाक्षी श्रीवास द्वारा ·

छोटा जवाब: सामान्य डोज़ में होम्योपैथिक गोलियों की चीनी रोज़ के खाने की तुलना में बहुत कम होती है, इसलिए ज़्यादातर डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए यह व्यावहारिक चिंता नहीं है। फिर भी डॉक्टर को अपनी डायबिटीज़ ज़रूर बताएँ — ज़रूरत हो तो दूसरे विकल्प हैं, और डायबिटीज़ की दवा डॉक्टर के बताए अनुसार चलती रहनी चाहिए।

गोलियाँ किस चीज़ से बनती हैं

रूपआधारध्यान दें
छोटी गोल गोलियाँ (ग्लोब्यूल्स)चीनी (सुक्रोज़)दवा की बूँदें डालकर तैयार; एक डोज़ में कुछ गोलियाँ
टैबलेटलैक्टोज़ (दूध की शक्कर)लैक्टोज़ इनटॉलरेंस वालों के लिए ध्यान देने वाली बात
लिक्विड (डाइल्यूशन)पानी-अल्कोहलपानी में बूँदें डालकर भी दी जा सकती है
मदर टिंक्चर (Q)अल्कोहल आधारितसबके लिए उपयुक्त नहीं

अगर आपको डायबिटीज़ है

लैक्टोज़ इनटॉलरेंस

टैबलेट में लैक्टोज़ बहुत कम होता है और ज़्यादातर लोग इसे सह लेते हैं; लेकिन दूध से एलर्जी हो या शक हो, तो ग्लोब्यूल्स या लिक्विड रूप माँगें।

बच्चे और मीठी दवा

बच्चों को स्वाद अच्छा लगता है, इसलिए पूरी शीशी खा लेने का ख़तरा रहता है। दवा बच्चों की पहुँच से दूर रखें। अगर बच्चा बहुत सारी गोलियाँ या मदर टिंक्चर पी ले, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

डायबिटीज़ में होम्योपैथिक देखभाल केवल सहायक है और इंसुलिन या मेटफ़ॉर्मिन की जगह नहीं लेती। पढ़ें: डायबिटीज़ और होम्योपैथी।

डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सामान्य डोज़ में गोलियों की चीनी खाने की तुलना में बहुत कम होती है। डॉक्टर को अपनी डायबिटीज़ बताएँ; ज़रूरत हो तो दवा पानी में बूँदों के रूप में दी जा सकती है।

हाँ, टैबलेट आमतौर पर लैक्टोज़ से बनती हैं। मात्रा कम होती है, लेकिन दूध से एलर्जी हो तो ग्लोब्यूल्स या लिक्विड रूप माँगें।

हाँ, लिक्विड दवा पानी में बूँदों के रूप में दी जा सकती है। कौन-सा रूप सही है, डॉक्टर बताएँगे।

नहीं। इंसुलिन और शुगर की दवाएँ डॉक्टर के बताए अनुसार जारी रखें; कोई भी बदलाव केवल वही डॉक्टर तय करें।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।

यह भी पढ़ें: डायबिटीज़ · होम्योपैथिक दवा कैसे लें · मदर टिंक्चर · होम्योपैथी गाइड · हिंदी में सभी पेज

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Dr. Meenakshi Shriwas
BHMS · MD (Homoeopathy) · PhD (Homoeopathy) · In practice since 2013
Associate Professor & PhD Guide — Rajasthan Vidyapeeth HMC&H