होम्योपैथी को समझें

क्या होम्योपैथिक दवा "गर्म" होती है? मुँह के छाले, दाने और यह आम धारणा

"यह दवा गर्मी करती है" — भारत में दवाओं को गर्म-ठंडी तासीर में बाँटना आम है। होम्योपैथिक दवा के बारे में यह धारणा कितनी सही है, और छाले या दाने हों तो क्या करें।

डॉ. मीनाक्षी श्रीवास द्वारा ·

भारत में खाने और दवाओं को "गर्म" या "ठंडी" तासीर में बाँटने की पुरानी परंपरा है। इसी वजह से कई मरीज़ पूछते हैं — "क्या होम्योपैथिक दवा गर्म होती है? मुझे मुँह में छाले हो गए।" यहाँ इसका सीधा जवाब है।

सीधा जवाब

होम्योपैथी के सिद्धांतों या दवा-विज्ञान में "गर्म दवा" या "ठंडी दवा" जैसी कोई श्रेणी नहीं है। होम्योपैथिक गोलियाँ लैक्टोज़ (दूध की शक्कर) से बनती हैं, और ज़्यादातर दवाएँ बहुत पतली (डाइल्यूट) होती हैं। "गर्मी" वाली धारणा आमतौर पर परंपरागत सोच से आती है, दवा के गुण से नहीं।

तो दवा शुरू करने के बाद छाले या दाने क्यों हुए?

ऐसे बदलाव को नज़रअंदाज़ भी न करें, और उसे अपने आप "गर्मी" भी न मानें। सामान्य वजहें हो सकती हैं:

क्या करें

  • दो हफ़्ते से ज़्यादा न भरने वाला छाला, खासकर तंबाकू-गुटखा खाने वालों में — तुरंत डॉक्टर या दंत चिकित्सक को दिखाएँ
  • पूरे शरीर पर दाने, सूजन या साँस की तकलीफ़ — तुरंत इलाज लें

और पढ़ें: क्या दवा से बीमारी पहले बढ़ती है? · होम्योपैथी: मिथक और सच।

डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

होम्योपैथी में 'गर्म' या 'ठंडी' दवा जैसी कोई श्रेणी नहीं है। यह धारणा परंपरागत सोच से आती है। फिर भी कोई नया लक्षण हो तो डॉक्टर को बताएँ।

छालों की आम वजहें तनाव, कम नींद, B12 या आयरन की कमी, चोट या टूथपेस्ट हैं। दवा से संबंध है या नहीं, यह डॉक्टर केस देखकर बताएँगे।

अपने आप नहीं — क्लिनिक को बताएँ। दो हफ़्ते से ज़्यादा न भरने वाले छाले की जाँच ज़रूरी है।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।

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Dr. Meenakshi Shriwas
BHMS · MD (Homoeopathy) · PhD (Homoeopathy) · In practice since 2013
Associate Professor & PhD Guide — Rajasthan Vidyapeeth HMC&H