मरीज़ अक्सर झिझकते हुए पूछते हैं — "दवा के साथ कभी-कभी पी सकते हैं?" एक ईमानदार जवाब, बिना डाँट के।
बहुत से मरीज़ झिझक के कारण डॉक्टर को नहीं बताते कि वे शराब पीते हैं या तंबाकू लेते हैं। लेकिन यह जानकारी इलाज के लिए ज़रूरी है — और क्लिनिक में इसे बिना किसी शर्मिंदगी के पूछा और सुना जाता है।
भारत सरकार की नेशनल टोबैको क्विटलाइन 1800-11-2356 (टोल-फ्री) पर तंबाकू छोड़ने के लिए सलाह मिलती है। शराब की लत में अपने डॉक्टर या नशा-मुक्ति विशेषज्ञ से बात करें। अचानक भारी शराब छोड़ने पर कुछ लोगों में खतरनाक लक्षण हो सकते हैं — ऐसे में डॉक्टर की देखरेख ज़रूरी है।
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डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।
दवा के आसपास शराब न लें, और कितनी पीते हैं यह डॉक्टर को सच-सच बताएँ। शराब कई ऐसी तकलीफ़ों को बिगाड़ती है जिनका इलाज चल रहा होता है।
मदर टिंक्चर और तरल डाइल्यूशन में अल्कोहल होता है। शराब से पूरी तरह दूर रहने वालों के लिए गोलियाँ दी जा सकती हैं।
भारत की नेशनल टोबैको क्विटलाइन 1800-11-2356 (टोल-फ्री) पर सलाह मिलती है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।
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