लक्षण समझें

विटामिन B12 और विटामिन D की कमी: लक्षण, किसे ज़्यादा ख़तरा, और जाँच

थकान, हाथ-पैर में झनझनाहट, बाल झड़ना, हड्डियों में दर्द — कई बार इसके पीछे विटामिन B12 या D की कमी होती है। पहचान, जाँच और सावधानियाँ।

डॉ. मीनाक्षी श्रीवास द्वारा ·

भारत में बहुत से लोगों में विटामिन B12 और विटामिन D की कमी पाई जाती है — शहरों में भी और गाँवों में भी। दोनों की कमी आसान ख़ून की जाँच से पता चल जाती है।

विटामिन B12

कहाँ से मिलता है: मुख्य रूप से पशु-आधारित भोजन — दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली, मांस। पूरी तरह शाकाहारी और ख़ासकर वीगन लोगों में कमी ज़्यादा होती है।

किसे ज़्यादा ख़तरा: शाकाहारी, बुज़ुर्ग, लंबे समय से मेटफ़ॉर्मिन या एसिडिटी की दवा (PPI) लेने वाले, पेट की सर्जरी या आँतों की बीमारी वाले लोग।

लक्षण:

विटामिन D

कहाँ से मिलता है: ज़्यादातर धूप से — त्वचा पर धूप पड़ने से शरीर इसे बनाता है। भोजन से कम मिलता है।

किसे ज़्यादा ख़तरा: ज़्यादातर समय घर या दफ़्तर के अंदर रहने वाले, पूरे ढके कपड़े पहनने वाले, बुज़ुर्ग, मोटापा, और कुछ दवाएँ लेने वाले।

लक्षण: हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, बार-बार कमज़ोरी; बच्चों में हड्डियों का ठीक विकास न होना। कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होता।

जाँच

जाँचकिसके लिए
Serum Vitamin B12B12 का स्तर
CBCख़ून की कमी और लाल रक्त कोशिकाओं का आकार
25-Hydroxy Vitamin Dविटामिन D का स्तर
कैल्शियम (डॉक्टर की सलाह पर)हड्डियों से जुड़ी जाँच

सप्लीमेंट — सावधानी ज़रूरी

रोज़मर्रा में

होम्योपैथिक देखभाल की जगह

विटामिन की कमी का इलाज विटामिन से ही होता है — होम्योपैथी इसकी जगह नहीं ले सकती। थकान, बाल झड़ना या दूसरी लंबी परेशानियों के लिए कई लोग साथ में होम्योपैथिक परामर्श भी लेते हैं, जिसमें पूरी केस-हिस्ट्री देखी जाती है।

डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

थकान, कमज़ोरी, हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन, मुँह के छाले, भूलना और उदासी। पुष्टि ख़ून की जाँच से होती है।

हाँ, क्योंकि B12 मुख्य रूप से पशु-आधारित भोजन से मिलता है। दूध, दही और पनीर से कुछ मात्रा मिलती है; डॉक्टर की सलाह पर जाँच करवाएँ।

हाँ, बहुत ज़्यादा मात्रा लंबे समय तक लेने से कैल्शियम बढ़ सकता है। डोज़ और अवधि जाँच के बाद डॉक्टर तय करें।

नहीं, विटामिन की कमी का इलाज विटामिन से होता है। होम्योपैथिक देखभाल दूसरी लंबी परेशानियों के लिए साथ में ली जा सकती है।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।

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Dr. Meenakshi Shriwas
BHMS · MD (Homoeopathy) · PhD (Homoeopathy) · In practice since 2013
Associate Professor & PhD Guide — Rajasthan Vidyapeeth HMC&H