यह शब्द कहाँ से आया, आज इसका क्या मतलब है, होम्योपैथी से अंतर क्या है — और मरीज़ के लिए असली सवाल यह क्यों है कि दोनों को सुरक्षित तरीके से कैसे लें।
भारत में "एलोपैथी" — या "अंग्रेज़ी दवा", "इंग्लिश मेडिसिन" — आधुनिक चिकित्सा के लिए रोज़मर्रा का शब्द है। बहुत से लोग खोजते हैं कि "एलोपैथी किसे कहते हैं" और इस शब्द का असल अर्थ क्या है। यहाँ इसकी आसान व्याख्या है।
"एलोपैथी" शब्द 19वीं सदी की शुरुआत में होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमैन ने गढ़ा था — ग्रीक शब्द एलोस ("दूसरा" या "भिन्न") और पैथोस ("पीड़ा" या "रोग") से। उन्होंने यह शब्द अपने समय के उन इलाजों के लिए इस्तेमाल किया जो बीमारी से भिन्न असर पैदा करके काम करते थे — अपने "समान से समान" के सिद्धांत के मुक़ाबले। उसी तरह "होम्योपैथी" शब्द ग्रीक होमोइओस ("समान") और पैथोस से बना है। पढ़ें: होम्योपैथी का इतिहास।
आज यह शब्द मोटे तौर पर आधुनिक चिकित्सा के लिए इस्तेमाल होता है — यानी MBBS डॉक्टरों और विशेषज्ञों द्वारा की जाने वाली, साक्ष्य-आधारित चिकित्सा, जिसमें जाँचें, दवाएँ, टीके और सर्जरी शामिल हैं। आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टर खुद को शायद ही कभी "एलोपैथ" कहते हैं; भारत में यह शब्द ज़्यादातर बातचीत में और आयुष पद्धतियों से तुलना करते समय इस्तेमाल होता है।
मरीज़ के लिए काम का सवाल यह नहीं कि कौन-सा शब्द या पद्धति "बेहतर" है, बल्कि यह कि आपकी स्थिति में किस चीज़ की ज़रूरत है — और क्या इलाज सुरक्षित तरीके से साथ लिए जा सकते हैं। इमरजेंसी, गंभीर संक्रमण, सर्जरी और कैंसर में आधुनिक चिकित्सा सबसे पहले ज़रूरी है। बहुत से लोग पुरानी तकलीफ़ों के लिए अपने चल रहे इलाज के साथ होम्योपैथिक देखभाल लेते हैं।
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डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।
भारत में आधुनिक, पारंपरिक चिकित्सा के लिए रोज़मर्रा का शब्द। यह शब्द डॉ. सैमुअल हैनिमैन ने ग्रीक शब्दों एलोस ('दूसरा') और पैथोस ('पीड़ा') से गढ़ा था।
होम्योपैथी के संस्थापक डॉ. सैमुअल हैनिमैन ने, 19वीं सदी की शुरुआत में।
आधुनिक चिकित्सा निदान की गई बीमारी को मापी जा सकने वाली खुराक की दवाओं से निशाना बनाती है और बड़े ट्रायल पर आधारित है; होम्योपैथी व्यक्ति की पूरी तस्वीर के अनुसार बहुत पतली दवाएँ चुनती है, और इसके प्रमाणों पर बहस है।
ज़्यादातर स्थितियों में हाँ। डॉक्टर की लिखी दवा अपने आप कभी बंद न करें, और हर डॉक्टर को बताएँ कि आप क्या-क्या ले रहे हैं।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।
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