होम्योपैथी को समझें

होम्योपैथिक डॉक्टर कैसे बनें? BHMS, MD, PhD और करियर

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NEET से BHMS, इंटर्नशिप और पंजीकरण, AIAPGET से MD, PhD और उसके बाद के करियर — एक प्रैक्टिसिंग होम्योपैथ की ज़ुबानी, जो पढ़ाती भी हैं और डॉक्टरेट शोध का मार्गदर्शन भी करती हैं।

डॉ. मीनाक्षी श्रीवास द्वारा ·

छात्र और अभिभावक अक्सर डॉ. मीनाक्षी से पूछते हैं कि होम्योपैथिक डॉक्टर कैसे बनें। राजस्थान विद्यापीठ होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, उदयपुर में एसोसिएट प्रोफेसर और PhD गाइड होने के नाते वे इस रास्ते को अंदर से जानती हैं। यहाँ इसका सार है। नियम और प्रक्रियाएँ समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए ताज़ा जानकारी हमेशा आधिकारिक काउंसलिंग और नियामक संस्थाओं से जाँच लें।

पहला कदम: BHMS में प्रवेश

दूसरा कदम: BHMS कोर्स

BHMS (बैचलर ऑफ़ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) साढ़े पाँच साल का कोर्स है, जिसमें एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है। छात्र एनाटॉमी, फ़िज़ियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, फ़ॉरेंसिक मेडिसिन, कम्युनिटी मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग एवं प्रसूति और प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन पढ़ते हैं — साथ ही होम्योपैथिक दर्शन (ऑर्गेनन), मटेरिया मेडिका, रेपर्टरी और फार्मेसी। इस शिक्षा का नियमन राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) करता है।

तीसरा कदम: पंजीकरण

BHMS और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद, प्रैक्टिस शुरू करने से पहले स्नातक अपने राज्य होम्योपैथी बोर्ड या काउंसिल (और राष्ट्रीय रजिस्टर) में पंजीकरण कराते हैं। NCH की आचार संहिता के अनुसार पंजीकरण नंबर क्लिनिक में और पर्चे पर दिखाया जाता है।

चौथा कदम: पोस्ट-ग्रेजुएशन — MD (होम्योपैथी)

MD (होम्योपैथी) में प्रवेश AIAPGET प्रवेश परीक्षा से होता है। MD तीन साल का कोर्स है, किसी चुने हुए विषय में — जैसे प्रैक्टिस ऑफ़ मेडिसिन, मटेरिया मेडिका, रेपर्टरी, ऑर्गेनन एवं दर्शन, बाल रोग, मनोरोग या फार्मेसी — और इसमें एक शोध-प्रबंध (डिसर्टेशन) शामिल होता है।

पाँचवाँ कदम: PhD

होम्योपैथी में PhD कई वर्षों का, मार्गदर्शन में किया जाने वाला मौलिक शोध है। डॉ. मीनाक्षी का MD शोध क्रॉनिक साइनुसाइटिस पर था, और उनका PhD शोध रजोनिवृत्ति के बाद (पोस्ट-मेनोपॉज़ल) हार्मोनल मूड विकारों पर।

करियर के रास्ते

छात्रों के लिए ईमानदार सलाह

डॉ. मीनाक्षी की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में: शैक्षणिक योग्यताएँ।

डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NEET-UG पास करें, एक साल की इंटर्नशिप सहित साढ़े पाँच साल का BHMS पूरा करें, और अपने राज्य होम्योपैथी बोर्ड या काउंसिल में पंजीकरण कराएँ। इसके बाद AIAPGET से MD (होम्योपैथी) और फिर PhD किया जा सकता है।

हाँ। BHMS में प्रवेश NEET-UG और उसके बाद आयुष काउंसलिंग से होता है।

साढ़े पाँच साल, जिसमें एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल है।

निजी प्रैक्टिस, सरकारी आयुष पद, MD और अध्यापन, शोध, फार्मेसी और जन-स्वास्थ्य से जुड़ी भूमिकाएँ।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।

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Dr. Meenakshi Shriwas
BHMS · MD (Homoeopathy) · PhD (Homoeopathy) · In practice since 2013
Associate Professor & PhD Guide — Rajasthan Vidyapeeth HMC&H