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मस्से (वार्ट्स): क्यों होते हैं, घर पर काटना-जलाना क्यों नहीं, और कब जाँच ज़रूरी

हाथ, पैर, चेहरे या गर्दन पर मस्से बहुत आम हैं। ये क्यों होते हैं, कैसे फैलते हैं, घरेलू तरीकों का खतरा, और कब किसी धब्बे की जाँच ज़रूरी है।

डॉ. मीनाक्षी श्रीवास द्वारा ·

मस्से (वार्ट्स) त्वचा की बहुत आम समस्या हैं — बच्चों और बड़ों दोनों में। ज़्यादातर मस्से हानिरहित होते हैं, लेकिन ये दिखने में परेशान करते हैं, फैल सकते हैं, और कई लोग इन्हें घर पर काटने-जलाने की कोशिश में चोट या संक्रमण कर बैठते हैं।

मस्से क्यों होते हैं

मस्से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कुछ प्रकारों से होते हैं। वायरस त्वचा की छोटी खरोंच से अंदर जाता है। ये छूने, साझा तौलिये-रेज़र, या नंगे पैर गीले फर्श (स्विमिंग पूल, बाथरूम) से फैल सकते हैं। कम प्रतिरोधक क्षमता में ये ज़्यादा होते हैं।

आम प्रकार

घर पर काटना, धागा बाँधना या जलाना क्यों नहीं

कब तुरंत जाँच ज़रूरी

  • धब्बा या तिल तेज़ी से बढ़ रहा हो, रंग बदल रहा हो, किनारे टेढ़े-मेढ़े हों, या खून आ रहा हो
  • 40 की उम्र के बाद नया, न भरने वाला दाना
  • जननांगों के पास मस्से — इनके लिए डॉक्टर से जाँच और साथी की जाँच ज़रूरी
  • डायबिटीज़ वाले व्यक्ति के पैर में दर्दनाक मस्सा या घाव

बच्चों में मस्से

बच्चों में मस्से आम हैं। उन्हें मस्से नोचने से रोकें, नाखून छोटे रखें, और अलग तौलिया दें। कई मस्से समय के साथ अपने आप भी चले जाते हैं।

होम्योपैथिक देखभाल

मस्सों के लिए होम्योपैथिक परामर्श में मस्सों का प्रकार, संख्या, कितने समय से हैं, और व्यक्ति की पूरी सेहत देखी जाती है। किसी भी संदिग्ध धब्बे के लिए पहले त्वचा रोग विशेषज्ञ से जाँच की सलाह दी जाती है।

हर व्यक्ति में इलाज की अवधि और असर अलग होता है, और हर फॉलो-अप पर इसकी ईमानदारी से समीक्षा होती है। डॉक्टर की लिखी कोई भी दवा अपने आप बंद न करें।

अंग्रेज़ी में: Viral warts · और पढ़ें: त्वचा रोग।

डॉ. मीनाक्षी से परामर्श लें। उदयपुर क्लिनिक: सोमवार से शनिवार, सुबह 10 से दोपहर 1 बजे (अपॉइंटमेंट से) और शाम 6 से 9 बजे (बिना अपॉइंटमेंट)। वीडियो कॉल या WhatsApp पर ऑनलाइन परामर्श भी उपलब्ध है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मस्से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के कुछ प्रकारों से होते हैं, जो त्वचा की छोटी खरोंच से अंदर जाते हैं।

हाँ, छूने, साझा तौलिये-रेज़र, या नंगे पैर गीले फर्श से फैल सकते हैं। खुजलाने-नोचने से भी आसपास फैलते हैं।

घर पर नहीं — इससे खून बहना, संक्रमण, निशान और फैलाव हो सकता है, और संदिग्ध धब्बे की जाँच छूट सकती है।

तेज़ी से बढ़ते, रंग बदलते या खून आते धब्बे, 40 के बाद नया न भरने वाला दाना, और जननांगों के पास मस्सों में।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, यह चिकित्सकीय सलाह, निदान या इलाज का विकल्प नहीं है। होम्योपैथिक उपचार हर व्यक्ति के लिए अलग होता है; असर हर व्यक्ति में अलग होता है और किसी विशेष परिणाम का वादा नहीं किया जाता। अपने डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएँ जारी रखें।

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Dr. Meenakshi Shriwas
BHMS · MD (Homoeopathy) · PhD (Homoeopathy) · In practice since 2013
Associate Professor & PhD Guide — Rajasthan Vidyapeeth HMC&H